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उत्तर प्रदेश के हर जिले में मिशन इंद्रधनुष-डब्ल्यूएचओ और यूनीसेफ के साथ मिलकर 8 नवंबर से होगा सर्वे

mission indtdhanush,u.p, uttar pradesh,uttar pardesh, who,unicef,73 district of up,all district of uttar pardesh,governament of india, indian government,vacsination, vaccination,vaccin for child,health department, गाजियाबाद(4 नवंबर 2019)- गाजियाबाद समेत सूबे के 73 जनपदों में दिसंबर माह से मिशन इंद्रधनुष अभियान चार चरणों में चलाया जाएगा पहला चरण दिसंबर के पहले सप्ताह में, दूसरा चरण जनवरी के पहले सप्ताह में, तीसरा चरण फरवरी के पहले सप्ताह में और चौथा चरण मार्च के पहले सप्ताह के दौरान संचालित किया जाएगा। यह जानकारी मंगलवार को जिला प्रतिरक्षण अधिकारी और एसीएमओ डा. विश्राम सिंह ने दी। उन्होंने बताया अभियान को लेकर महानिदेशक परिवार कल्याण डा. उमाकांत के दिशा निर्देशों के मुताबिक तैयारी की जा रही है। अभियान को अंजाम देने के लिए बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय कोर्डिनेशन बैठक होगी और शुक्रवार से सर्वे का काम शुरू कर दिए जाएगा।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया अभियान में ऐसे क्षेत्रों को लक्षित किया जाएगा, जहां टीकाकरण कम हुआ है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से इस अभियान के तहत टीकाकरण की कवरेज को बढ़ाकर 90 फीसदी तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान में टीकाकरण न होने वाले या फिर आंशिक टीकाकरण वाले बच्चों के अलावा गर्भवती महिलाओं को मिशन इंद्रधनुष के तहत डीपीटी, पोलियो, बीसीजी, पेंटा, एमआर (मीजल्स-रूबेला), रोटा वायरस और टीडी (टिटनेस-डिप्थीरिया) के टीके लगाए जाएंगे।
टीकाकरण अभियान से पहले स्वास्थ्य विभाग की टीमें विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) और यूनीसेफ की टीमों के साथ मिलकर जनपद में सर्वे करेंगी। सर्वे के जरिए ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया जाएगा, जिन क्षेत्रों में टीकाकरण कम हुआ है। सर्वे के दौरान टीकाकरण से छूटे, आंशिक टीकाकरण और टीकाकरण न करवाने वाले परिवारों का भी पता लगाया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया महानगर में चांदमारी और सादिकनगर में ऐसे कुछ परिवार हैं जो टीकाकरण नहीं करवाते। उनकी काउंसिलिंग की जाएगी और टीकाकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसके अलावा अभियान में ईट भट्ठों और निर्माण साइटों पर रहने वाले परिवारों के टीकाकरण पर जोर दिया जाएगा। इन दोनों स्थानों पर रहने वाले परिवार एक से दूसरे स्थान पर शिफ्ट होते रहते हैं इसलिए सामान्य अभियान के दौरान इनके छूट जाने की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया बेहतर कवरेज के लिए अभियान में स्वास्थ्य, आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायतीराज विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग समेत कुल 12 विभागों को शामिल किया गया है। मिशन इंद्रधनुष अभियान का पहला चरण 2 दिसंबर, 2019 से, दूसरा चरण 6 जनवरी, 2020 से, तीसरा चरण 3 फरवरी, 2020 से और 2 मार्च, 2020 से चलेगा। हर चरण एक सप्ताह का होगा।
क्या है मिशन इंद्रधनुष ः
यह भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 25 दिसंबर, 2014 को घोषित किया गया टीकाकरण कार्यक्रम है। इंद्रधनुष के सात रंगों को प्रदर्शित करने वाले मिशन इंद्रधनुष का उद्देश्य 2020 तक उन सभी बच्चों का टीकाकरण करना है जिन्हें टीके नहीं लगे हैं। इस अभियान के तहत डिप्थीरिया, काली खांसी, हेपेटाइटिस बी, टिटनेस, पोलियो, टीबी और खसरा समेत सात बीमारियों के टीके लगाए जाते हैं

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About The Author

आज़ाद ख़ालिद टीवी जर्नलिस्ट हैं, सहारा समय, इंडिया टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज़ सहित कई नेश्नल न्यूज़ चैनलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। Read more

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