चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा- गलवान वैली हमारी सीमा में, भारत यहां जबरन सड़कें और पुल बना रहा



चीन ने शुक्रवार देर रात फिर गलवान घाटी को अपना बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाऊ लिजियन ने कहा कि गलवान घाटी चीन का हिस्सा है और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल(एलएससी) से हमारी तरफ है। भारतीय सैनिक यहां पर जबरन रोड और ब्रिज बना रहे हैं। चीन के अलग-अलग अफसरों ने चार दिन में पांचवीं बार कहा कि 15 जून की शाम को भारतीय सैनिकों ने समझौते को तोड़ते हुए जानबूझकर एलएसी को पार किया और चीन के सैनिकों पर हमला किया।

लिजियन ने कहा कि 15 जून की घटना के लिए भारत जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि गलवान घाटी वास्तविक नियंत्रण रेखा के चीनी हिस्से में आता है। कई सालों से वहां चीनी गार्ड गश्त कर रहे हैं और अपनी ड्यूटी निभाते हैं।

मोदी ने कहा- देश की एक इंच जमीन पर भी कोई नजर नहीं डाल सकता
गलवान में भारतीय सैनिकों की शहादत और चीनी सैनिकों के हमले पर सरकार ने शुक्रवार को ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई थी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने अपनी सेनाओं को कदम उठाने की पूरी छूट दे रखी है। हमारी एक इंच जमीन पर भी कोई नजर नहीं डाल सकता। हमारी सीमा में किसी ने घुसपैठ नहीं की और नही चीन ने हमारी किसी पोस्ट पर कब्जा किया। हमारे 20 जवान शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता को चुनौती दी थी, उन्हें वे सबक सिखाकर गए हैं। उनके शौर्य को पूरा देश याद रखेगा। उनके बलिदान से सभी आहत हैं। यह भावना इस बैठक में भी जाहिर हुई है।

चीन के पहले के चारबयान

  • चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाऊ लिजियन ने 19 जून को कहा था- सही क्या है और गलत क्या है, यह एकदम साफ है। जो कुछ हुआ, उसकी पूरी जिम्मेदारी भारत की है। भारत-चीन बातचीत कर रहे हैं।’
  • चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने 18 जून को कहा था-भारतीय फ्रंट-लाइन के सैनिकों ने समझौता तोड़ा और लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) को पार कर उकसाया और अफसरों-सैनिकों पर हमला किया। इसके बाद ही झड़प हुई और जान गई।’ उन्होंने कहा कि भारत मौजूदा हालात पर गलत राय न बनाए और चीन की अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करने की इच्छाशक्ति को कमजोर करके न देखे।
  • 17 जून को झाऊ लिजियन नेकहा कि गलवान घाटी की संप्रभुता हमेशा से चीन के हिस्से ही रही है। भारतीय सेना ने बॉर्डर प्रोटोकॉल तोड़ा। उन्होंने न केवल सीमा का उल्लंघन किया, बल्कि कमांडर लेवल की बातचीत का भी ध्यान नहीं रखा।
  • इससे पहले 16 जून को दोपहर करीब 1 बजे हिंसक झड़प की खबर दुनिया के सामने आई थी। इसके बाद, चीन के सरकारी अखबार द ग्लोबल टाइम्स ने चीन के विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि बॉर्डर पर दोनों देशों के बीच रजामंदी बनी थी, लेकिन भारतीय जवानों ने इसे तोड़ दिया और बॉर्डर क्रॉस किया।

भारत के 20जवान शहीद
गलवान घाटी में सोमवार रात भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हुए। चीन के भी 40 सैनिक मारे गए। इनमें यूनिट का कमांडिंग अफसर भी शामिल है। यह अफसर उसी चीनी यूनिट का था, जिसने भारतीय जवानों के साथ हिंसक झड़प की।

भारत-चीन तनाव पर आप ये खबरें भी पढ़ सकते हैं…

1.एयरफोर्स की पासिंग आउट परेड /चीन पर एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा- हम किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए तैयार, गलवान में जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी

2.चीन पर राहुल गांधी का 4 दिन में चौथा बयान /कांग्रेस नेता ने कहा- चीन के सामने प्रधानमंत्री ने सरेंडर किया; अगर वह चीन की धरती थी तो हमारे जवान क्यों शहीद हुए

2.चीन से झड़प के बाद भारत की तैयारियां: फाइटर प्लेन बॉर्डर के पास भेजे गए, एयरफोर्स चीफ ने लेह का अचानक दौरा किया था

3. एक्सप्लेनर: चीन के साथ विवाद की पूरी कहानी: 58 साल में चौथी बार एलएसी पर भारतीय जवान शहीद हुए

4. चीन के मुद्दे पर 3 दिन में राहुल गांधी का तीसरा बयान: कहा- सरकार गहरी नींद में थी, हमारे जवानों ने इसकी कीमत चुकाई

5. चीन की इलाके हथियाने की नीति: 6 देशों की 41.13 लाख स्क्वायर किमी जमीन पर चीन का कब्जा, ये उसकी कुल जमीन का 43%

6.चीन के खिलाफ अमेरिका भारत के साथ: अमेरिकी विदेश मंत्री और भारत में अमेरिका के राजदूत बोले- भारतीय जवानों को हमेशा याद रखेंगे

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


यह तस्वीर मनाली-लेह हाइवे की है। शुक्रवार को यहां सेना का काफिला सीमा पर जाते दिखा। गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत ने अपनी सभी सीमाओं को अलर्ट पर रखा है।

About The Author

Originally published on www.bhaskar.com

Related posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *