एसएसपी एंड कंपनी की मेहनत रंग लाई-मुख़बिरी के शक में तेवतिया पर हुए हमले में तीन गिरफ्तार

tewatiya attack accusedग़ाज़ियाबाद (17 अगस्त 2016)- कभी कभी पुलिस की मुख़बिरी और दुश्मनी पालना दोनो ही मंहगे साबित हो जाते हैं। आज भले ही गाजियाबाद में बीजेपी के नेता ब्रजपाल तेवतिया केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबी बताए जाते हों लेकिन उनका पुराना कथित इतिहास आज भी उनका पीछा नहीं छोड़ रहा। कभी पुलिस के मुख़बिर और अपराधियों से सांठगांठ की चर्चाओ में रहने वाले ब्रजराल तेवतिया फिलहाल एक बार चर्चाओं में हैं।
कई कई गनरों के बीच घिरे रहने वाले तेवतिया पर मुरादनगर में हाल ही में जानलेवा हमला किया था। जिसमें वो बाल बाल बच गये थे और हमले में गंभीर रूप से घायल तेवतिया का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। लेकिन इस बीच गाजियाबाद के कप्तान एस एमेनुअल और उनकी टीम की रणनीति ने जल्द ही नतीजा सामने लाकर रख दिया है। उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल मे इस हमले को भाजपा भले ही राजनीतिक रंग देने की कोशिश करती रही लेकिन गाजियाबाद पुलिस भारी दबाव और आरोपों के बाजवजूद अपने काम में जुटी रही और बुधवार को एक पत्रकार वार्ता में पुलिस द्वारा हत्या के आरोप में तीन लोगों की गिरफ्तारी का ऐलान कर दिया गया।
अपराध जगत में घुसपैठ और पुलिस की मुख़बिरी से भाजपा नेता तक का सफरbrijpal tewatia
पकड़े गये आरोपियों में राहुल त्यागी, निशांत और राम सिंह से पूछताछ के आधार पर पुलिस का दावा है कि तेवतिया पर हमले की पीछे 1999 और उसके आसापास इस क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों से जुड़ी कड़ियां एक वजह हैं। पुलिस के मुताबिक़ कभी इस इलाके में अपराध जगत में खासी पकड़ रखने वाले राकेश हसनपुरिया और उसके साथी सुरेश दीवान की हत्या से भी इस हमले के तार जुड़े हैं। पुलिस के मुताबिक़ कभी पुलिस की नौकरी छोड़कर अपराधियों से साठंगांठ करने वाले सुरेश की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे के दोस्त ने ही तेवतिया पर हमला कराया है। माना जा रहा है कि मृतक के परिजनों को शक था कि तेवतिया उस ज़माने में पुलिस के लिए मुख़बिरी किया करते थे। बहरहाल आज तेवतिया का क़द काफी बड़ा हो गया है और उनके रसूख सत्ता के गलियारों तक हैं और देश के गृहमत्री राजनाथ सिंह तक से उनकी खासी नज़दीकियों की चर्चा है। इतना ही नहीं कहा तो यहां तक जाता है कि कभी अपराध जगत में घुसपैठ रखने वाले तेवतिया को राजनाथ सिंह के ही आशीर्वाद से मुरादनगर का बीजेपी का टिकट देकर उत्तर प्रदेश की विधानसभा में भी भेजने के लिए चुनाव लड़वाया गया था। ये अलग बात है कि 5 हज़ार वोट से तेवतिया हार गये थे।
पुलिस का दावा है कि पकड़े गये तीनों आरोपियों के अलावा इस वारदात में प्लानिंग और हमले को अंजाम देने वाले लगभग 2 दर्जन से ज्यादा आरोपी हैं। इन तीन के अलावा कई पुलिस की हिरासत में भी है। गौरतलब है कि बीजेपी नेता बृजपाल तेवतिया पर गुरुवार रात गाजियाबाद के मुरादनगर के रावली रोड पर AK-47 समेत दूसरे आधूनिक हथियारों से जानलेवा हमला हुआ था और इसमें 100 से अधिक राउंड गोलियां चलाई गई थीं।

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आज़ाद ख़ालिद टीवी जर्नलिस्ट हैं, सहारा समय, इंडिया टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज़ सहित कई नेश्नल न्यूज़ चैनलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। Read more

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