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जनता की ज़िंदगी की क़ीमत-अमानवीय होतीं सरकारें!

mumbai tragedy
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मुंबई (29-09-2017)- मुंबई के एक रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा हुआ है, जहां भगदड़ मचने से 22 लोगों की मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे पर एक बात ज़हन में आ रही है। दरअसल सरकार के परिभाषा में यह भी शामिल है कि अपनी जनता की ज़िंदगी ही हर मुमकिन हिफ़ाज़त करना सरकार की ज़िम्मेदारी है। यह बात सुनने में भले ही बहुत अच्छी लगे लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। मुंबई में अलफिंसटन रोड रेलवे स्टेशन पर वहां के फुटओवर या ओवर ब्रिज पर भगदड़ मची और देखते ही देखते दर्जनों लोग मौत की आग़ोश में सो गए।
अब बात करते हैं महज़ दो दिन पहले ही। जब एक मुंबईकर यानि मुंबईवासी ने अपनी फेसबुक वॉल पर इसी रेलवे स्टेशन यानि एलफिंस्टन रोड के ओलर ब्रिज का फोटो लगाकर मुंबई के सभी संबधित विभागों को चेताया था कि यह पुल जर्जर हो चुका है और कभी भी यहां हादसा हो सकता है। लेकिन अफसोस जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स से तनख्वाह पाने वाले किसी भी विभाग पब्लिक सर्वेंट ने इसपर ध्यान नहीं दिया।

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ये तो हुई एक आम आदमी की चेतावनी की। लेकिन देश की संसद में बैठने वाले सासंद जिनको मराठी में ख़ासदार कहा जाता है उनकी चेतावनी पर भी सरकार की अगर आंख और कान न खुले तो फिर क्या हो। जी हां शिवसेना के दो दो सांसदों ने बाक़ायदा चिठ्ठी लिखकर तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु से एल्फिंस्टन रोड रेलवे स्टेशन को चौड़ा कराने की बात कही थी। इस मामले पर शिवसेना सांसद राहुल शिवाले ने 23 अप्रैल 2015 को शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने फरवरी 2016 में सुरेश प्रभु को पत्र लिखकर फुट ओवरब्रिज को चौड़ा करने की मांग की थी। लेकिन सासंदो तक की बात पर गौर नहीं किया गया। तो क्या सरकारी मशीनरी की नज़र में आम जनता की ज़िंदगी की कोई क़ीमत नहीं है।
हम आपको याद दिला दें कि मुंबई के एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर भगदड़ मच जाने से 22 लोगों की मौत हो गई जबकि 40 से 45 लोग घायल हो गए हैं। ब्रिज पर भारी भीड़ भी थी। घटना सुबह 11 बजे के आसपास की है। घायलों को केईएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। हादसे में मरने वालों को 10 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। जिसमें 5 लाख रुपये राज्य सरकार की ओर से और 5 लाख रुपये रेल की ओर से दिया जाएगा।

About The Author

आज़ाद ख़ालिद टीवी जर्नलिस्ट हैं, सहारा समय, इंडिया टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज़ सहित कई नेश्नल न्यूज़ चैनलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। Read more

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