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अखिलेश यादव का ग़ाज़ियाबाद की जनता को तोहफा-हज हाउस का उद्घाटन

ग़ाज़ियाबाद (5 सितंबर 2016)-उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यकाल के अंतिम वर्ष और विधानसभा चुनानों से ठीक पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुस्लिमों को हज हाउस का तोहफा पेश किया है। सोमवार को सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ग़ाज़ियाबाद में हज हाउस का उद्घाटन करने आए थे।
हज हाउस के रस्म-ए-उद्घाटन के मौक़े पर उत्तर प्रदेश के मुखिया अखिलेश यादव ने हज हाउस को सरकार की नहीं बल्कि समाजवादी पार्टी की देन बताते हुए कहा कि सरकारी इमारत इतनी सुंदर नहीं होतीं। उन्होने बीजेपी द्वारा विरोध किये जाने पर तंज़ कसा कि बीजेपी ने कोई जनहित का काम नहीं किया। उन्होने कहा कि बीजेपी विकास के मामले में समाजवादी पार्टी से बहुत पीछे हैं, और भाजपा के लोग साज़िश रचते हैं। आज़म ख़ान की भैसों का ज़िक्र करते हुए उन्होने कहा कि अगर पुलिस ने उनकी भैंस को खोजा तो बीजेपी का कुत्ता भी तलाश किया। लगे हाथों अखिलेश यादव ने बीजेपी के अलावा बीएसपी को भी आड़े हाथों लिया। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार ने एलिवेटिड रोड के साथ साथ मैट्रो का भी तोहफा दिया है। इंडिया डिजिटल का ज़िक्र करते हुए उन्होने कहा कि हमने लैपटॉप दिया। उन्होने कहा कि हमारी सरकार ने पुलिस में बड़े पैमाने पर भर्ती की। भाजपा को तोड़ने वाली पार्टी बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने भेदभाव के बजाय प्रदेश की जनता को कन्याधन दिया। हज हाउस को लेकर एनजीटी द्वारा दिये गये नोटिस के बारे में उन्होने कहा कि सरकार उसका जवाब देगी।
इस मौके पर मौजूद सूबे के मंत्री आज़म ख़ान ने कहा कि हज के ज़माने में हज हाउस से फायदा उठाने के बाद बाक़ी साल इससे मुस्लिम छात्र छात्राओं को तालीमी फायदा मिलना चाहिए। आज़म ख़ान ने कहा कि हज हाउस राष्ट्र की संपत्ति है। उन्होने बीजेपी और प्रधानमंत्री तक पर भी निशाना साधा।
हिंडन तट के डूब क्षेत्र में लगभग चार एकड़ में बने इस हज हाउस के निर्माण में लगभग 51 करोड़ रुपए की लागत आई है। लगभग दो हज़ार हाजियों के ठहरने की क्षमता वाले इस आला हज़रत हज हाउस से हर साल दस हज़ार हाजी फायदा उठा सकेंगे।
पिछले काफी समय से निर्माण किये जा रहे इस हाउस को लेकर शहर में काफी सियासत भी की जाती रही है। सियासी हल्कों में माना जा रहा है उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यकों की हमदर्द होने का दावा करने वाली समाजवादी पार्टी को आने वाले चुनावों में इसका फायदा हो सकता है। जबकि विरोधियों की नज़र में हज हाउस का निर्माण अल्पसंख्यकों के फायदे के साथ साथ सियासी और आर्थिक फायदा का भी सौदा माना जा रहा है। कहने वाले तो यहां तक कह रहे हैं कि हज हाउस की आड़ में सियासी फायदे के अलावा अरबों की रुपए की डूब क्षेत्र की भूमि का गेम कर दिया गया है। जबकि इसी जगह पर होने वाले निर्माण को कई कई बार गिराया जा चुका था।

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आज़ाद ख़ालिद टीवी जर्नलिस्ट हैं, सहारा समय, इंडिया टीवी, वॉयस ऑफ इंडिया, इंडिया न्यूज़ सहित कई नेश्नल न्यूज़ चैनलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। Read more

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